नशा भी एक बीमारी

१ मैं शराब से तंग आ चुका था, न मुझसे छोड़ी जा रही थी न पी जा रही थी।
२ सुबह ६ बजे मैं उठाती थी बोतल, सीधे मूंह में लगाती थी,इधर से आज़ान की आवाज़ और उधर से गुरबानी, और मैं वोडका की बोतल मूंह में लगाए खड़ी…
३ मेरी पत्नी को ऑपरेशन के लिए खून की ज़रूरत थी और मैं शराब और ड्रग्स ले रहा था…

ये बातें मुझसे ज़िंदगी लाइव में ऐसे लोगों ने कहीं जिन्होंने शराब या ड्रग्स के नशे में अपनी ज़िंदगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा गंवा दिया था । सिर्फ ज़िंदगी के कुछ कीमती साल ही नहीं , नशे में उनकी धन दौलत, रिश्ते, रोज़गार, सब खत्म हो चुके थे । लेकिन फिर एक दिन उन्हें एक ऐसा झटका लगा जिसने उन्हें झकझोर कर रख दिया और सुधरने के रास्ते पर खड़ा कर दिया । इन लोगों की बातों ने हमारे भी रोंगटे खड़े कर दिए । कल्पना भी नहीं की जा सकती की नशे की तलब में इंसान किस हद तक हैवान बन सकता है। वो अपनी मां के शरीर से गहने भी छीन सकता है, अपनी बच्ची को बेचने की भी सोच सकता है, अपनी बहन के घर में चोरी भी कर सकता है ।

नशे की लत हमारे समाज से जोंक की तरह चिपकी हुई है । और हमने तय किया कि ये जानने समझने की कोशिश करेंगे कि इस जोंक से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है । और इस कोशिश में हमने इसी समस्या पर लगातार तीन साल तीन एपिसोड बनाए । और शो पर ऐसे लोगों को बुलाया जिन्होंने एक लंबा अरसा नशे के एक अंधेरे कुएं में बिताया और बर्बादी की इंतहा देखी उस दिन तक जिस दिन तक वो जाग नहीं गए और संभलने का फैसला नहीं कर लिया..हालांकि तब तक बहुत कुछ उस अंधे कुएं में खो चुका था ।

संजय एक संपन्न परिवार से थे। नोएडा जैसे महंगे शहर में जिसके पांच फ्लैट हों, कल्पना कीजिए उसके पास कितना पैसा होगा, लेकिन न जाने कितनी रातें उन्होंने सड़कों पर बिताई । जिस दिन संजय मेरे शो पर आए उस दिन उनके पैर में टूटी फूटी हवाई चप्पल थी  और वो खुदकुशी की कोशिश कर चुके थे क्योंकि वो चार दिन से भूखे थे और जेब में फूटी कौंड़ी नही। संजय की पत्नी शादी के ६ महीने के अंदर ही उन्हें छोड़ कर चली गईं थीं। मैंने संजय से पूछा- आप ने उन्हें वापस बुलाने की कोशिश नहीं की..संजय का जवाब था- मुझे शराब से फुर्सत ही नहीं थी।

तेजिंदर वालिया २० साल तक शराब और ड्रग्स लेते रहे। हालत ऐसी हो गई थी कि बिज़नेस डूबा, घर का सामान बेचने की नौबत आ गई और यहां तक कि एक दिन अपनी तलब पूरी करने के लिए तेजिंदर ने अपनी नन्ही सी बच्ची को बेचने का मन बना लिया था। आज भी उस दिन को याद कर के तेजिंदर रो पड़ते हैं। नशा करते करते उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि उनकी पत्नी ही ये दुआ करने लगी थीं कि वो मर जाएं।

ज़िंदगी लाइव में मेरे लिए एक बहुत बड़ी चुनौती थी एक महिला को लाना जिसे शराब की लत रही हो और जिसने इस लत से छुटकारा पाया हो। हमारे समाज में शराब पीने वाली महिला को पुरुषों के मुकाबले बेहद गिरी हुई नज़रों से देखा जाता है। मानो पुरुष पिएं तो ठीक लेकिन महिला पिए तो उसका चाल चरित्र, सोच समझ, सब कुछ खराब। इस सोच से मुझे हमेशा परेशानी रहती है। जो गलत है वो गलत है, चाहे पुुरुष करे या महिला। बहरहाल, समाज की सोच से जूझ पाना आसान नहीं होता। लेकिन इसी सोच का असर ये हुआ कि कोई भी महिला जिसे शराब की लत रही हो, वो शो पर आने को तैयार नहीं हो रही थी। बहुत मुश्किलों से, कई घंटों की मान मुनव्वल के बाद रितु जी को मैंने शो पर आने को राज़ी कर लिया । रितु जी भी एक बहुत जाने माने, धनाढ्य परिवार से ताल्लुख रखती हैं। मेरे लिए ये अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल नहीं था कि उनके लिए इतना खुल कर अपनी लत के बारे में दुनिया के सामने बोलना कितना मुश्किल होगा। लेकिन मैं सारी उम्र उनकी शुक्रगुज़ार रहूंगी कि वो आईं और खुल कर बोलीं। उन्होंने साफ कहा कि मैं अपने नशे के बारे में सिर्फ इसलिए बात कर रही हूं ताकि दूसरे लोग ये जान पाएं कि जिस दिन वो स्वीकार कर लेगें कि उन्हें एक बीमारी है उस दिन वो इस लत से छुटकारा पा सकेंगे।

जी हां, यही बात आज मैं आप सब से कहना चाहती हूं कि अगर आप को भी नशे की लत है या आपके परिवार में कोई शराबी है तो इस लत को एक बीमारी की तरह स्वीकार कीजिए बिलकुल वैसे ही जैसे आप कैंसर या डायबिटीज़ को स्वीकार करते हैं। क्योंकि जब स्वीकार करेंगे तभी आप इलाज शुरू कर पाएंगे। दूसरी बहुत ज़रूरी बात, अगर आपका बेटा शराबी है तो उसकी शादी मत कीजिए ये सोच कर कि उसकी ज़िंदगी सुधर जाएगी। उसकी तो नहीं सुधरेगी, एक लड़की की ज़िंदगी ज़रूर बर्बाद हो जाएगी। तीसरी बात, किसी अपने की लत को छुपाने की कोशिश मत कीजिए। उसको डॉक्टर के पास ले जाइए, री-हैब ले जाइए ताकि वो ठीक हो सके और दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

नशा एक ऐसा दुश्मन है जिसे मात देने के लिए इंसान में मज़बूत इच्छा- शक्ति और परिवार के बे-शर्त सहयोग की ज़रूरत पड़ती है। आइए मिल कर समझदारी से एक नशा-मुक्त समाज बनाने की कोशिश करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *