काश हम भी ऐसे होते
शायद मैंने आपको पहले भी बताया था कि मैं पिछले साल ३ महीनों के लिए लंदन गई थी एक स्कॉलरशिप पर। दूसरे देशों में जाना, घूमना, रहना,वहां के लोगों से मिलना जुलना कई मायनों में आपकी सोच को बदलता है, विकसित करता है। हर वक्त आप अपने देश की तुलना उस देश से करते है, अपने लोगों के व्यवहार की तुलना वहां के लोगों से करते हैं। लंदन रहते हुए मैंने योरोप के कुछ दूसरे देश भी घूमे।कुछ खास अनुभव हुए...